Wednesday, January 30, 2019

PM नरेंद्र मोदी दे रहे थे भाषण, स्टैंड से नीचे गिर गया कैमरामैन फिर.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज गुजरात के दौरे पर हैं. यहां पर पीएम दांडी यात्रा की याद में बनाए गए दांडी स्मारक का लोकार्पण करेंगे. दांडी जाने से पहले प्रधानमंत्री ने सूरत में एयरपोर्ट के नए टर्मिनल की नींव रखी. इस दौरान उन्होंने एक जनसभा को भी संबोधित किया. पीएम मोदी जिस वक्त भाषण दे रहे थे उस दौरान एक हादसा भी हो गया. पीएम मोदी को कवर कर रहा एक कैमरामेन स्टैंड से नीचे गिरे गया. कैमरामैन को गिरता देख उनकी मदद के लिए कुछ लोग उनकी तरफ दौड़े. जिसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया है.

कैमरामैन जिस वक्त गिरे उस दौरान पीएम मोदी ने अपना भाषण भी रोक दिया. घटना के वक्त पीएम मोदी ने अपनी सुरक्षा में खड़े जवान को कुछ निर्देश दिया. बता दें कि हाल ही में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी जब पत्रकारों से संवाद कर रहे थे तो एक पत्रकार अचानक सीढ़ियों से नीचे गिर गया जिसके बाद खुद राहुल गांधी ने उसकी मदद की थी. दरअसल राहुल गांधी मीडिया से संवाद कर रहे थे, जब वह पैदल चलते हुए आ रहे थे तो पत्रकार उनको आगे से कवर कर रहे थे. तभी राहुल पर ध्यान होने की वजह से एक पत्रकार सीढ़ी से नीचे गिर गया. इसके बाद कांग्रेस अध्यक्ष दौड़कर उसके पास पहुंचे और हाथ पकड़कर उसे जमीन से उठाया. इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था.

वहीं जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि पिछली सरकार ने सिर्फ 25 लाख मकान बनाए, लेकिन हमारी सरकार ने काफी कम समय में 1 करोड़ से अधिक घर बनवाए हैं. प्रधानमंत्री ने दावा किया कि मेरे जितना काम करने में पिछली सरकार को 25 साल लग जाते.

पीएम मोदी ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि पूर्ण बहुमत की सरकार कड़े फैसले भी ले सकती है और बड़े फैसले भी ले सकती है. उन्होंने कहा कि पूर्ण बहुमत की सरकार जवाबदेह होती है.

पीएम मोदी ने कहा कि अगर पूर्ण बहुमत नहीं होता तो मोदी जवाब में कह देता कि मिलीजुली सरकार है. आज पूर्ण बहुमत की सरकार है इसलिए देश का नाम विश्व में आगे बढ़ रहा है.

मोदी गुजरात के नवसारी जिले में स्थित दांडी का दौरा करेंगे. जहां पर राष्ट्रीय साल्ट सत्याग्रह मेमोरियल बनाया गया है. इस स्मारक में महात्मा गांधी और उनके साथ आंदोलन करने वाले 80 अन्य सत्यग्राहियों का स्टैच्यू भी बनाया गया है.

आगे क्या करेगी कांग्रेस?

राहुल गांधी ने छत्तीसगढ़ के मंच से आमदनी गारंटी की बात कर अपनी चुनावी फिल्म का ट्रेलर दिखा दिया है. आगे तय है कि पार्टी अपने घोषणा पत्र में गारंटी योजना लागू करने का ऐलान करेगी और बताएगी कि यह गरीबों की दशा बदलने वाला क्रांतिकारी कदम होगा. भले आप कह लें कि पार्टियों की घोषणाओं में हवा-हवाई बातें ज्यादा होती हैं जिन पर लोग भरोसा कम और सवाल ज्यादा उठाते हैं. मगर हाल में बीते विधानसभा चुनावों का लब्बोलुआब यही है कि घोषणाएं अगर गंभीर हों, गरीब-गुरबा की संवेदना को छूने वाली हों तो लोग भरोसा करते हैं और पार्टियों को वोट मिलते हैं. लिहाजा कांग्रेस अगर गारंटी योजना घोषणा पत्र में लाती है तो इसमें कोई हैरत नहीं.

क्यों पिछड़ गई मोदी सरकार?

सवाल है कि जो ऐलान आज राहुल गांधी कर रहे हैं, उसमें मोदी सरकार कैसे पिछड़ गई? यह यक्ष प्रश्न इसलिए भी गंभीर है क्योंकि 2016-17 की आर्थिक समीक्षा में सार्वभौमिक मूलभूत आय या यूनिवर्सल बेसिक इनकम (यूबीआई) का विचार सामने रखा गया था. आज की तारीख से जोड़ें तो दो साल पहले यह अवधारणा मोदी सरकार के दिमाग में थी लेकिन इसमें कहां चूक हुई, यह विचार-विमर्श का विषय है. अब मोदी सरकार यूबीआई को आगे बढ़ाती भी है तो उसपर 'कॉपीकैट' का चस्पा लगेगा और यही कहा जाएगा कि कांग्रेस का विचार आगे बढ़ाने में मोदी सरकार माहिर है.

दिलचस्प बात ये भी है कि 2016-17 की आर्थिक समीक्षा में यूबीआई की बात करते हुए ‘यूनिवर्सल बेसिक इनकमः अ कन्वर्सेशन विद एंड विदइन द महात्मा’ शीर्षक वाला एक पूरा चैप्टर इसमें जोड़ा गया था और याद दिलाया गया था कि अति गरीब लोगों के हितों की रक्षा करना राष्ट्र राज्य की जिम्मेदारी है जिसमें ऐसे कदम लाभदायक होंगे.

कांग्रेस और राहुल गांधी से कुछ सवाल

इसमें कोई दो राय नहीं कि कांग्रेस और राहुल गांधी की झंडाबरदारी में यूनिवर्सल बेसिक इनकम यानी यूबीआई शुरू होती है तो इससे लोगों में अच्छा संकेत जाएगा लेकिन इसे अमली जामा पहनाने का साधन क्या होगा? इस योजना का ढांचा कुछ ऐसा है कि गरीबों के खाते में एक न्यूनतम राशि ट्रांसफर की जाएगी. अब सवाल है कि कांग्रेस जब जनधन खाते और प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) जैसी योजनाओं को कोसती रही है, फिर वह यूबीआई को धरातल पर कैसे उतार पाएगी? क्या देश में फिर नए बैंक खाते खोलने के दौर शुरू होंगे, क्या डीबीटी से इतर कोई नया सिस्टम बनेगा? अगर यह सब हो भी जाता है तो उस भ्रष्टाचार पर अंकुश कैसे लगेगा जिसकी चर्चा मनरेगा में होती है. क्या लोग मनरेगा की तरह काम-धाम छोड़ कर खैरात पर निर्भर नहीं होंगे? अगर मुफ्त खाते में पैसे आ जाएं तो बिना मेहनत मजदूरी किए शराब पीने का चलन फिर नहीं बढ़ेगा और महिलाएं जो मजदूरी करती हैं, उनके घर बैठने का सिलसिला शुरू नहीं होगा?

Tuesday, January 22, 2019

हार्दिक पंड्या के टीम में नहीं रहने से विराट कोहली को करना पड़ रहा ये काम

हार्दिक पंड्या के उपलब्ध नहीं रहने पर कप्तान विराट कोहली को एक अलग तरह की परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. कोहली ने विश्व कप में आदर्श गेंदबाजी संयोजन के लिए मंगलवार को वनडे इंटरनेशनल टीम में ऑलराउंडर पंड्या की मौजूदगी के महत्व पर जोर दिया. साथ ही कोहली ने संकेत दिए कि न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज के दौरान कुछ खिलाड़ियों को आजमाया जा सकता है, जिससे युवा शुभमान गिल को मौका मिलने की उम्मीद बढ़ी है.

कोहली का कहना है कि पंड्या के उपलब्ध नहीं होने पर तीसरे तेज गेंदबाज को खिलाने को बाध्य होना पड़ता है. टीवी शो के दौरान महिलाओं को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के लिए पंड्या को निलंबित किया गया है. बुधवार को न्यूजीलैंड के खिलाफ शुरू हो रही पांच वनडे मैचों की सीरीज से पहले भारत को तीसरे विशेषज्ञ तेज गेंदबाज को लेकर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

हार्दिक के विकल्प के तौर पर खेले खलील अहमद और मोहम्मद सिराज के खिलाफ ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों ने पहले दो एकदिवसीय मैचों में आसानी से रन बटोरे थे, जबकि विजय शंकर ने मेलबर्न में निर्णायक मैच में छह ओवर किफायती गेंदबाजी की.

आदर्श गेंदबाजी संयोजन के बारे में पूछने पर कप्तान ने कहा, ‘ईमानदारी से कहूं, तो यह ऑलराउंडर पर निर्भर करता है. अगर आप दुनिया की सबसे मजबूत टीमों को देखें, तो उनके पास कम से कम दो ऑलराउंडर हैं, किसी टीम में तीन भी, इससे आपको काफी गेंदबाजी विकल्प मिलते हैं.’

कोहली ने कहा कि तीसरा तेज गेंदबाज तभी विकल्प है, जब विशेषज्ञ ऑलराउंडर उपलब्ध नहीं हो. कोहली ने मैक्लीन पार्क में होने वाले पहले एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच से पूर्व कहा, ‘अगर विजय शंकर या हार्दिक जैसा खिलाड़ी नहीं खेलता है, तभी तीन गेंदबाजों के साथ उतरना समझदारी भरा लगता है. क्योंकि अगर कोई ऑलराउंडर तेज गेंदबाजी के कुछ ओवर फेंक देता है तो जरूरी नहीं कि तीसरे गेंदबाज के रूप में आपको ऐसे गेंदबाज की जरूरत हो, जो 140 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से गेंदबाजी कर सकता हो.’

हार्दिक की गैर मौजूदगी पर कोहली ने कहा, ‘मेरे तीन गेंदबाजों का समर्थन करना हो या एशिया कप, ऐसा तभी हुआ जब हार्दिक उपलब्ध नहीं था. हमें तीन तेज गेंदबाजों को खिलाना पड़ा. जब भी ऑलराउंडर उपलब्ध होता है आप तीसरे तेज गेंदबाज के बारे में नहीं सोचते जब तक कि हालात पूरी तरह से स्पिन गेंदबाजी के खिलाफ नहीं हों.’

कप्तान ने कहा कि सीरीज जीतना महत्वपूर्ण है, लेकिन विश्व कप को ध्यान में रखते हुए वह टीम संयोजन को लेकर लचीलापन दिखाएंगे. उन्होंने कहा, ‘जीतना हमेशा काफी महत्वपूर्ण होता है, लेकिन इस समय मुख्य चीज यह है आतुरता नहीं दिखाई जाए. ड्रेसिंग रूम में अच्छा माहौल होना जरूरी है, विश्व कप से पहले टीम के रूप में सुधार के लिए धैर्य और सामूहिक प्रयास जरूरी है.’

कर्जमाफी किसी बिमारी का इलाज नहीं बल्कि कुछ किसानों को तत्काल प्रभाव से राहत पहुंचाने का एक जरिया है. इसका फायदा सिर्फ उन किसानों को मिलता है जिन्होंने संस्थागत कर्ज लिए हैं. पिछला एनएसएसओ सर्व 2013 के मुताबिक देश में 52 फीसदी कृषि परिवार कर्ज में डूबे हैं और इसमें महज 60 फीसदी परिवारों ने किसी संस्था से कर्ज लिया है. लिहाजा, साफ है कि महज 31 फीसदी (52 फीसदी का 60 फीसदी) कृषि परिवारों को कर्जमाफी का फायदा पहुंचने की उम्मीद है.

कमलनाथ ने 'इंडिया टुडे' से बातचीत में कहा, 'बीजेपी मध्य प्रदेश में ऑपरेशन लोटस का प्रयास कर रही है.' उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पांच विधायकों से बीजेपी ने संपर्क कर प्रलोभन देने का प्रयास किया था. इसकी जानकारी इन विधायकों ने अपने मुख्यमंत्री को दी है. मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि बीजेपी कांग्रेसी विधायकों को प्रलोभन देकर उन्हें तोड़ने की कोशिश कर रही है ताकि उनकी सरकार को गिराया जा सके.

कमलनाथ ने हालांकि अपने सरकार के प्रति भरोसा जताया है और कहा कि उनकी सरकार को कोई खतरा नहीं है. उन्होंने यह भी दावा किया कि बीजेपी के पांच विधायक उनके संपर्क में हैं. बीजेपी के ये विधायक अपनी पार्टी में अपने भविष्य को लेकर आशंकित हैं. कमलनाथ ने कहा कि यदि बीजेपी उनके विधायकों को तोड़ने का प्रयास करती है तो वह भी वही करेंगे.

Thursday, January 10, 2019

खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने ‘5 मिनट और’ का दिया नया चैलेंज

खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने खेलो इंडिया मुहिम के अंतर्गत ‘5 मिनट और’ चैलेंज लांच किया और इस दौरान दोनों हाथों से टेबल टेनिस भी खेला. ओलंपिक खेलों की निशानेबाजी स्पर्धा में रजत पदक जीतने वाले राठौड़ ने साथ ही भारत के शीर्ष खिलाड़ियों और कलाकारों से बचपन की वो बातें साझा करने का अनुरोध किया जब वे अपने माता-पिता से पांच मिनट अतिरिक्त खेलने देने की मांग करते थे.

उन्होंने बचपन की यादें साझा करने के लिए विराट कोहली, साइना नेहवाल, दीपिका पादुकोण और सलमान खान को टैग किया. राठौड़ ने ट्विटर पर वीडियो संदेश में कहा, ‘याद कीजिए, जब हम बचपन में खेलते थे तो उसी समय हमारे माता-पिता हमें होमवर्क के बारे में याद दिलाते थे और हम कहते थे, ‘बस पांच मिनट और.’

महिलाओं पर अश्लील टिप्पणी में फंसे पंड्या ने BCCI से मांगी माफी

उन्होंने कहा, ‘तब हमारे लिए बोलने के लिए कोई नहीं होता था, लेकिन अब हम बोल सकते हैं. इसलिए क्यों न हम सभी देश के सभी बच्चों के लिए बोलें और कहें ‘उन्हें खेलने दीजिए', पांच मिनट और खेलो इंडिया. क्यों नहीं आप अपनी पांच मिनट और की कहानी साझा करते.’ वर्ष 2017 में राठौड़ ने वर्कआउट का वीडियो साझा कर खिलाड़ियों और फिल्मी हस्तियों को चुनौती दी थी.

खेलों इंडिया यूथ गेम्स 2019 आधिकारिक रूप से बुधवार को पुणे में शुरू होंगे. इन खेलों में चैम्पियन निशानेबाज मनु भाकेर और सौरभ चौधरी, विश्व कैडेट चैम्पियन पहलवान अंशु और सोनम, ओलंपियन एथलीट जिस्ना मैथ्यू, युवा ओलंपिक खेलों के स्वर्ण पदकधारी भारोत्तोलक जेरेमी लालिरनुगा, उभरती हुई टेनिस खिलाड़ी महक जैन और स्टार तैराक श्रीहरि नटराज भाग लेंगे. ये खिलाड़ी 18 विभिन्न स्पर्धाओं में शिरकत करेंगे जिसमें से छह टीम स्पर्धाएं हैं.

कपिल सिब्बल ने सदन में पूछा कि केन्द्र सरकार संविधान के महत्वपूर्ण अंग में संशोधन करने जा रही है लेकिन क्या उसने कोई आंकड़ा एकत्र किया है? अलग-अलग राज्यों में क्या सामाजिक स्थिति है, किस राज्य में कितने दलित, कितने कितने ओबीसी अथवा कितने आर्थिक तौर पर कमजोर लोग हैं? कपिल सिब्बल ने कहा कि देश में जब मंडल आयोग की सिफारिशों को लागू किया गया तब उसे 10 साल पहले से लागू करने की तैयारी करनी पड़ी थी. लेकिन मोदी सरकार ने कैसे महज 24 घंटे के अंदर संविधान में इतने महत्वपूर्ण संशोधन और उसे लागू करने की तैयारी कर ली है?

राज्य सभा में संशोधन विधेयक पर अपना पक्ष रखते हुए सिब्बल ने पूछा कि केन्द्र सरकार को जवाब देने की जरूरत है कि उसने कैसे एक दिन के अंदर यह आंकलन कर लिया कि 8 लाख रुपये से कम आय वाला व्यक्ति गरीब है और उसे आरक्षण की जरूर है. क्या इस आंकलन के लिए सरकार के पास कोई आधार है?

जब नौकरी ही नहीं तो देंगे क्या?

वहीं अपना पक्ष रखते हुए सिब्बल ने कहा कि देश में जितनी नौकरी पैदा नहीं हो रही उससे ज्यादा नौकरी खत्म हो रही है और यह डिजिटल होते भारत की सच्चाई है. सिब्बल ने बताया कि 2001-2019 तक कुल नौकरी 7.3 फीसदी रही और इस हिसाब से सरकार द्वारा नई नौकरी प्रति वर्ष 0.4 फीसदी पैदा की गई. लिहाजा, नई नौकरी और खत्म होती पुरानी नौकरी की ऐसी स्थिति के बीच किस नौकरी को बतौर आरक्षण सरकार देने जा रही है. आंकड़ों का हवाला देते हुए सिब्बल ने कहा कि मोदी सरकार ने अपने कार्यकाल में 45,000 नौकरी दी. लिहाजा, क्या वह अब 10 फीसदी आरक्षण का प्रावधान महज 4,500 लोगों को नौकरी देने के लिए कर रहे हैं.

गरीब नहीं, सामान्य वर्ग की 99 फीसदी आबादी को मिलेगा 10 फीसदी आरक्षण!

सिब्बल ने कहा कि देश नई नौकरी नहीं पैदा कर रहा है. इस देश को आरक्षण नहीं नौकरी चाहिए और नौकरी सिर्फ विकास से आएगी. 7.3 फीसदी की दर से ग्रोथ है फिर भी नौकरी नहीं पैदा हो रही है. सीबीआई, ईडी जैसी जांच एजेंसी को सबके पीछे लगा दिया है तो निवेश कौन और कैसे लाएगा. लिहाजा, सरकार बताए कि उनके पास क्या आंकड़ा है. आखिर क्यों सरकार संविधान में ये संशोधन लेकर आई है. सरकार साफ करे कि क्या संविधान में संशोधन करने का यह तरीका सही है? सिब्बल ने कहा कि जब देश में एससी, एसटी और ओबीसी को ही आरक्षण के मुताबिक नौकरी नहीं दी जा पा रही है तो वह अब 10 फीसदी सामान्य क्ष्रेणी को नौकरी देने का ऐलान कर क्या करने जा रही है? सिब्बल ने कहा कि महज संशोधन बिल लाकर मोदी सरकार बेहद खुश हो रही है लेकिन एक सच्चाई से वह मुंह मोड़ रही है कि असली खुशी जनता को मिलनी चाहिए और क्या उनके इस बिल से जनता .

Thursday, January 3, 2019

7 साल पहले आईफोन खरीदने के लिए बेच दी थी अपनी किडनी, अब अस्पताल में जिंदगी से लड़ रहा है

आईफोन की महंगी कीमतों की वजह से अक्सर ऐसा कहा जाता है कि इसे खरीदने के लिए अपनी किडनी बेचनी पड़ेगी। ये बात को हमेशा ही मजाक में लिया जाता है, लेकिन चीन के रहने वाले ताके शाओ वैंग ने 7 साल पहले 2011 में आईफोन-4 खरीदने के लिए अपनी किडनी बेच दी थी, लेकिन इस घटना के इतने साल बीत जाने के बाद वैंग अब अस्पताल में जिंदगी और मौत से लड़ रहा है। दरअसल, किडनी बेचने की वजह से वैंग की दूसरी किडनी भी फेल हो गई, जिसके बाद से ही वे अस्पताल में डायलिसिस पर हैं और उनके इलाज में वैंग के माता-पिता को अपना सबकुछ बेचना पड़ा है।

699 डॉलर के आईफोन खरीदने को बेची थी
7 साल पहले शाओ वैंग की उम्र 17 साल थी और उस वक्त उन्होंने 6999 डॉलर के आईफोन-4 को खरीदने के लिए अपनी एक किडनी ब्लैक मार्केट में 3,487 डॉलर (उस वक्त करीब 1.74 लाख रुपए) में बेच दी थी।

जब वैंग की मां ने आईफोन के बारे में पूछा था, तो उसने किडनी बेचने की बात कबूली थी। इस मामले में उस वक्त 5 लोगों को गिरफ्तार भी किया गया था, जिन्होंने वैंग की किडनी को 10 गुना ज्यादा दाम में बेच दिया था।

अब डायलिसिस पर काट रहा अपनी जिंदगी
आईफोन के लिए किडनी बेचने का फैसला वैंग पर इस तरह भारी पड़ा कि उसे अब अपनी जिंदगी डायलिसिस पर ही काटनी पड़ रही है। दरअसल, किडनी बेचने के बाद वैंग की सर्जरी चीन के एक अस्पताल में की गई थी, लेकिन सफल नहीं होने की वजह से उसकी दूसरी किडनी में भी इन्फेक्शन हो गया जिस वजह से उसकी दूसरी किडनी भी फेल हो गई।

दूसरी किडनी भी फेल होने के कारण अब वैंग का जीना मुश्किल हो गया है और उनको डायलिसिस मशीन पर रखा गया है। वैंग के माता-पिता के पास आईफोन खरीदने के लिए पैसे नहीं थे, लेकिन अब उन्हें इलाज के लिए अपना सबकुछ बेचना पड़ा है।

आईफोन और बाइक के लिए बेटी को ही बेच दिया
आईफोन खरीदने के लिए अपनी बेटी को बेचने का मामला भी चीन में ही सामने आया था। मार्च 2016 में डुआन नाम के व्यक्ति ने अपनी बेटी को एक अनजान व्यक्ति को सिर्फ 22 हजार युआन (3,500 डॉलर) में बेच दिया था।

इन पैसों से डुआन ने आईफोन और एक नई बाइक खरीदी थी। हालांकि बाद में डुआन और उसकी पत्नी शाओ को गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद कोर्ट ने डुआन को 3 साल और शाओ को ढाई साल कैद की सजा सुनाई थी।

राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में फोन के फटने से एक बुजुर्ग की मौत का मामला सामने आया है। दरअसल, जिले के नेतावलगढ़ पाछली गांव के रहने वाले 60 साल के किशोर सिंह रात में मोबाइल फोन रखकर सो रहे थे, लेकिन रात में अचानक फोन की बैटरी फट गई और ब्लास्ट हो गया। ब्लास्ट की वजह से सबसे पहले बुजुर्ग के कपड़ों में आग लगी, जिससे पूरे शरीर में फैल गई, जिससे उनकी मौत हो गई।

कैसे हुआ हादसा?
दरअसल, किशोर सिंह गुरुवार रात को अपने बनियान की जेब में फोन रखकर सो रहे थे। उन्हें ये फोन किसी सरकारी योजना के तहत मिला था। तभी रात के 2:30 बजे अचानक फोन की बैटरी में फट गई और ब्लास्ट हो गया। इससे उनके कपड़ों में आग लग गई और देखते ही देखते उनका शरीर आग में झुलस गया। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

5 सेफ्टी टिप्स : फोन साथ रखकर न सोएं
फोन को कभी भी तकिए के नीचे रखकर न सोएं, इससे फोन का टेंपरेचर बढ़ जाता है और प्रेशर भी बनता है, जिससे फोन फटने या हीट होने की आशंका बढ़ जाती है।